'नीलम रत्न' मकर और कुम्भ राशि का राशि रत्न होता है।
मकर और कुम्भ राशि का स्वामी ग्रह शनि है और इस राशि के जातकों के लिए नीलम रत्न है।
शनि मान सम्मान और सुख के कारक होते है ये जातक के लिए सुख और मंगल कार्य लेकर आते है. धनु और मीन राशि के लोग अगर पुखराज धारण करते है तो उनको इसका फ़ायदा सबसे पहले अपने व्यक्तित्व में दिखाई देता है. उनके सम्मान में वृद्धि होती है जिसका सीधा प्रभाव व्यापर और अन्य संबंधों में सकरात्मन ही पड़ता है.
अगर परिवार में लोग ज़्यादा लड़ते हों और कोई आपकी न सुनता हो साथ ही मंगल कार्यों में बाधा आ राशि हो जैसे हवन पूजन, विवाह आदि.
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नीलम रत्न धारण करने से मकर और कुम्भ राशि के जातकों को लाभ:
- भाग्य में वृद्धि होती है जिससे रुके हुए काम पूरे होने लगते हैं।
- गुरु अच्छा होता है तो आपका सम्मान भी बढ़ता है और धार्मिक कार्यो की रुची बढ़ती है।
- आपके अच्छे कामों के कारन आपको सम्मान मिलता है और लोग आपका आदर करते है।
- व्यापर आदि में अच्छा प्रधाव देता है और आर्थिक सम्पन्नता भी डेरा है।
- जिन्हें बहुत मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिल रही हो और हर काम में असफल हों रहे हों उन्हें पुखराज ज़रूर धारण करना चाहिए।
मिथुन और कन्या राशि के लिए उपरत्न भी है जिसे हरा हकीक कहते हैं। यह बुध ग्रह के लिए धारण किया जाता है और इसका प्रभाव पन्ना रत्न से बिल्कुल भी कम नहीं रहता है। यह रत्न पन्ना रत्न की तरह शक्तिशाली नहीं होता है जिस कारण से इसका प्रभाव धीमा होता है लेकिन इसके लाभ व्यक्ति को अवश्य मिलते हैं।
नाम: हरा हकीक
कीमत : 999 रू
लैब सर्टिफाइड और अभिमंत्रित
मिथुन और कन्या राशि के लिए रुद्राक्ष भी है जिसे 4 मुखी रुद्राक्ष कहते हैं। यह बुध ग्रह के लिए धारण किया जाता है यह सबसे उत्तम वेदिक उपाय हैै और इसके लाभ इसे सर्वोत्तम बनाता है। यह महादेव का रत्न है और आपको कर प्रकार के दुष्प्रभावों से बचाता है यह आपका कवच बनता है जो आपको हर प्रकार के कष्ट और बुरे प्रभाव से बचा कर रखता है।
नाम: 4 मुखी रुद्राक्ष
कीमत : 1100 रू
लैब सर्टिफाइड और अभिमंत्रित




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